परिश्रम का महत्व पर निबंध – Parishram Ka Mahatva Essay in Hindi

प्रिय स्टूडेंट, आज का आर्टिकल आपके लिए काफी रोचक है क्योंकि जीवन में परिश्रम का महत्व क्या है और परिश्रम ही सफलता की कुंजी क्यों है इसके बारे में बताएँगे। तो चलिए पढ़ते हैं आज परिश्रम का महत्व पर निबंध (Parishram Ka Mahatva Essay in Hindi) और जानते हैं परिश्रम के फायदे

एक स्टूडेंट होने के नाते आपको परिश्रम के महत्व की जानकारी होना बेहद जरूरी है। परिश्रम से संबंधी बहुत से दोहे है जोकि छात्रों को प्रेरित करने की जानकारी देते है। बहुत से छात्रों से अक्सर छोटी कक्षा में के बारे में पांच वाक्य बनाने के लिखा कहा जाता है इस लिहाज से आज का ब्लॉग आपके लिए काफी उपयोगी होगा।

परिश्रम का महत्व पर निबंध – Parishram Ka Mahatva Essay in Hindi

मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने के लिए परिश्रम का विशेष महत्व होता है। बिना परिश्रम के मनुष्य का जीवन व्यर्थ माना गया है ,क्योंकि प्रकृति से प्राप्त संसाधनों का उपयोग भी परिश्रम मनुष्य ही कर सकता है।

परिश्रम और कर्म के महत्व को प्रस्तुत करते हुए श्री कृष्ण ने भी अर्जुन को गीता में उपदेश देते हुए समझाया था ।

‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन: ।’

संस्कृत के श्लोक में परिश्रम पर विशेष बल देते हुए बताया गया है। परिश्रम ही मनुष्य के लिए वास्तविक पूजा-अर्चना है । इस पूजा के बिना मनुष्य का सुखी समृद्ध हासिल नहीं कर सकता। कहने का अभिप्राय है जो परिश्रम करने से भागता है, उसे कर्महीन आलसी व्यक्ति माना जाता है, और वह हमेशा दूसरों को दुख और दूसरों के ऊपर निर्भर रहने वाला व्यक्ति होता है।

परिश्रमी व्यक्ति अपने कर्म के जरिए ही अपनी इच्छाओं को पूरा करते हैं। उन्हें जिस वस्तु की इच्छा होती है, उसे पाने के लिए खुद रास्ता चुनते हैं ।ऐसे व्यक्ति कठिन हालातों से भयभीत नहीं होते, बल्कि संकट से निकलने के लिए हल ढूंढते हैं। अपनी कमियों को देखते हैं, दूसरों पर लांछन नहीं लगाते हैं

वहीं दूसरी ओर कर्म हीन मनुष्य सदैव भाग के ऊपर निर्भर रहता है। वह अपनी कमियों और दोषों के निदान की ओर प्रयास ना करके। भाग्य को दोषी मानता है। उसके अनुसार उसे जीवन में जो भी कुछ हासिल हो रहा है ,और जो भी उनकी उपलब्धि से बाहर  है । उन सभी में ईश्वर की इच्छा है। वह भाग्य के सहारे कर्म क्षेत्र से जीवन भर भागता रहता है। वह कर्म ना करके कल्पनाओं में ही सुख की तलाश में रहता है।

किसी विद्वान का कहना था कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। यदि आज के दौर में भी हम देश -विदेश के महान अथवा सुविख्यात पुरुषों और स्त्रियों की जीवन शैली का आकलन करें, तो हमें यही ज्ञात होगा की जीवन में उनको इतनी बड़ी कामयाबी सिर्फ और सिर्फ उनके द्वारा किए गए सतत प्रयास का परिणाम है

अमेरिका, चीन और जापान जैसे विकसित देश आज इसलिए केवल विकसित हुए है। क्योंकि उनके पास बेहद परिश्रमी नागरिक है। विश्व युद्ध में भारी नुकसान हो जाने के बावजूद, यदि जापान ने विश्व जगत में अपना विशेष स्थान बनाया है, तो उसके पीछे प्रमुख वजह है, यहां के लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम की भावना जोकि इनमें कूट-कूट कर भरी हुई है।

जैसा कि आपको पता ही होगा कि किसी भी समाज (Society) या देश में विशेष दर्जा उन्हीं को प्राप्त होता है। जहां के लोग परिश्रमी होते हैं। लोग अपने परिश्रम के जरिए ही एक बड़ी पहचान हासिल कर पाते हैं। फिर चाहे वह एक महान कलाकार, शिल्पी, इंजीनियर, डॉक्टर या फिर कोई महान वैज्ञानिक ही क्यों ना हो

परिश्रम में विश्वास रखने वाला व्यक्ति ही प्रतिस्पर्धाओ में जीत हासिल करता है। किसी भी देश में नागरिकों की कर्म, साधना और कठिन परिश्रम उस देश और राष्ट्र को पूरे विश्व के मानचित्र में प्रतिष्ठित करने का कार्य करता है।

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परिश्रम से लोगो को मिलने वाले लाभ (Benefits of Parishram Ka Mahatva in Hindi)

1. स्थाई तौर मिलती है कामयाबी (Success)

परिश्रमी व्यक्ति निरंतर परिश्रम में लगा रहता है। यही वजह है कि उसे सफलता स्थाई रूप से मिलती है।फिर चाहे आप किसी क्रिकेटर, अभिनेता या किसी अन्य बड़े दर्जे व्यक्ति का उदाहरण ही क्यों ना ले।इन्होंने अपने परिश्रम के बल पर ही कामयाबी हासिल की है।

2. मौके की भरमार होती है (Opportunities)

व्यक्ति परिश्रमी व्यक्ति के पास अवसर खुद ब खुद आते रहते हैं उसे किसी और सर को इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती है अवसर की तलाश में सिर पर हाथ रखकर बैठना आलसी मनुष्य की पहचान है मेहनतकश लोग के पास अवसर खुद चलकर आता है।

3. जीवन में सकारात्मकता आती है (Positivity)

परिश्रमी व्यक्ति के पास नकारात्मक सोचने के लिए समय ही नहीं रहता। यही वजह है कि उसके जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। कभी-कभी वह थोड़े समय के लिए वह हताश तो जरूर होता है, लेकिन कुछ समय बाद वह दोबारा से पॉजिटिव एनर्जी के साथ जीवन में आगे बढ़ता है।

4. सद्चरित वाला होता है (Good Character)

परिश्रम करने से मनुष्य के अंदर अच्छे चरित्र का निर्माण होता है ।वह मेहनत के महत्व को बखूबी जानता है। यही वजह है कि वह ईमानदारी से जीवन जीना चाहता है।वो किसी को धोखा नहीं देता। कोई गलत रास्ता नहीं अपनाया। वह उन्हीं चीज पर हक जताता है जिससे वह अपने मेहनत के जरिए हासिल कर सकता है

परिश्रम करने से मनुष्य को बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। इतिहास में अब तक उन्हीं के बारे में हमने पढ़ा है ।जिन्होंने अपने जीवन में कठोर परिश्रम किया है, तो चलिए हम इतिहास में दर्ज कुछ ऐसे शख्स के बारे में जानते हैं। जिन्होंने अपने परिश्रम से बड़ी कामयाबी हासिल की।

  • डॉक्टर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (A. P. J. Abdul Kalam)

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम देश के जाने माने वैज्ञानिक हुए हैं। इन्हें भारत में मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। देश में इन्होंने मिसाइल प्रोग्राम के लिए विशेष योगदान दिया। इनका जीवन काफी अभावग्रस्त रहा ।एक ऐसा भी समय था, जब इनके पास कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए 1000 भी ना थे। लेकिन इन्होंने परिश्रम करके अपने आप को उस काबिल बनाया। आज के दौर में एक महान वैज्ञानिक के नाम से जाने जाते हैं। ये देश के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं।

  • जे. जे. थॉमसन (J. J. Thomson)

जे. जे. थॉमसन अपने बचपन से ही मन बुद्धि के बालक माने जाते थे। यही वजह है कि इनको स्कूल से भी निकाला गया था। परंतु जे जे थॉमसन ने उन दिनों इतना कठोर परिश्रम किया कि इन्होंने बल्ब का अविष्कार ही कर डाला। एक हजार बार अविष्कार फेल हो जाने के बाद बल्ब बनाने में इनको कामयाबी मिली। इसीलिए परिश्रम का विशेष महत्व हमारे जीवन में होता है।

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निष्कर्ष

आज के ब्लॉग में आपको परिश्रम का महत्व पर निबंध (Parishram Ka Mahatva Essay in Hindi) के बारे में काफी कुछ बताया गया है और ये आपके लिए काफी उपयोगी भी साबित होता यदि आप एक अच्छे और जिम्मेदार इंसान बनना चाहते है तो आपको अपने अंदर परिश्रम करने की आदत विकसित कर लेना चाहिए तभी आप कामयाबी हासिल कर सकते है।

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