शिक्षक (गुरु) पर हिंदी निबंध – Essay About Teacher in Hindi

Essay About Teacher in Hindi – हमारे आज के इस आर्टिकल में शिक्षक पर निबंध की पूरी जानकारी दी गयी है। इस आर्टिकल में शिक्षक का विद्यार्थी के जीवन में क्या स्थान है और शिक्षक की महानता के बारे में बड़ी सरलता से समझाया गया है। अगर आप शिक्षक को अच्छे से समझना चाहते हैं तो शिक्षक (गुरु) पर निबंध (Essay About Teacher in Hindi) का ये आर्टिकल पूरा ज़रूर पढ़ें।  

शिक्षक (गुरु) पर हिंदी निबंध | Essay About Teacher in Hindi [1300 Words]

हर महान इंसान का जन्म एक साधारण तथा सामान्य ही होता है। यदि व्यक्ति महान बनता है तो वह अपने सद्गुणों से बनता है। किसी भी व्यक्ति को सदाचार उसके गुरु द्वारा प्राप्त होता है। एक गुरु ही व्यक्ति के सफल जीवन की मजबूत नींव होता है। 

गुरु का हमारे जीवन में आना वसंत ऋतु के समान ही होता है । जिस प्रकार वर्ष भर में बसंत ऋतु का महीना मधुर होता है। उसी प्रकार जीवन में गुरु के सानिध्य में बीता जीवन का हर पल मधुर व सुख देने वाला होता है। एक अच्छे शिक्षक का आशीर्वाद साधारण मनुष्य के पास हो तो एक साधारण सा चंद्रगुप्त भी भारत का महान सम्राट बन सकता हैं। 

हमारे इतिहास में ऐसी बहुत ही महत्वपूर्ण कहानियां है जिसमें शिक्षक की महत्ता पर प्रकाश डाला गया है। बिना गुरु के मनुष्य एक गीली मिट्टी के ढेर के समान है। जब गुरु अपने आशीर्वाद रूपी हाथों से इसी आकार देता है तथा ज्ञान रूपी रंग भरता है तब यही शिष्य रुपी मिट्टी का  सम्मान   बढ़ जाता है।

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एक शिक्षक

कोई भी इंसान हो बिना किसी शिक्षक के वह अपने जीवन का उद्देश्य प्राप्त नहीं कर सकता। शिक्षक सफलता और मनुष्य के बीच की सीढ़ी है जिस पर चढ़कर मनुष्य सफलता तक पहुंचता है। प्राचीन काल से ही ग्रंथों उपनिषदों वेदों में शिक्षकों के महत्व को सर्वोपरि बताया गया है। कबीर दास के दोहे में शिक्षक की महानता कुछ इस प्रकार हैं :-

गुरु गोविंद दोनों खड़े काको लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए।‌।

इस दोहे में कबीर दास ने कहा है कि मेरे सामने शिक्षक और भगवान दोनों एक साथ उपस्थित हैं। उन दोनों में सबसे पहले किसके पैर छुएं। फिर उन्होंने पहले गुरु के पैर छूने का निर्णय लिया और कहा की हे गुरु आपने ही मुझ पर कृपा की, आप के माध्यम से ही मुझे पता चला कि मेरे सामने खड़े दूसरे व्यक्ति भगवान हैं।

शास्त्रों में गुरु को भगवान से ऊंचा दर्जा दिया गया है। माता पिता के बाद गुरु ही है जो आपको कभी गलत राह पर नहीं जाने देगा।

शिक्षक की महानता

छोटे से बड़े सभी सफल व्यक्ति के पीछे एक सर्वोपरि शिक्षक होता है। शिक्षक हमारे कठिन मार्ग का वह सेतु होता है जिस पर चढ़कर हम कठिन  रास्ते रूपी नदियों को सरलता से पार कर जाते हैं। गुरु पर अटूट विश्वास  ही है जो प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनके संतान को एक अच्छा गुरु मिले। गुरु के बिना किसी भी उज्जवल भविष्य की कामना नहीं की जा सकती। 

बालक छोटे होते हैं तभी से उन्हें गुरु के सानिध्य में रहना सिखाया जाता है, और गुरु द्वारा आचरण का पाठ पढ़कर छात्र बड़ा होता है तथा उसके व्यवहार में अपने गुरु की दी हुई शिक्षा तथा अच्छे आचरण नजर आने लगते हैं। गुरु हमेशा अपने शिष्य के प्रति कठोर बना रहता हैपरंतु सहृदय वह अपने शिष्य को बहुत स्नेह करता है लेखक ने शिक्षक के गुण को इस प्रकार उजागर किया है।

गुरु उस कुमार के तरह होता है जो बर्तन के निर्माण के समय पर तन पर चोट तो करता है परंतु भीतर से बर्तन को सहारा भी देता है। उसी प्रकार गुरु बाहर से अपने शिष्य के प्रति कठोरता दिखाते हैं परंतु उसके उज्जवल भविष्य के लिए हमेशा शिष्य को अपने सानिध्य में रखते हैं।

किसी ने ठीक ही कहा है 

गुरु मिले तब ही मिले जीवन में  उजियार, वरना जीवन में सदा रहे घोर अंधकार।

अर्थात जब हमें गुरु मिलते हैं, तभी हमारे जीवन हमारा जीवन प्रकाशित में होता है। अन्यथा हमारे जीवन में गुरु के बिना घोर अंधकार छाया रहता है। 

शिक्षक (गुरु) पर हिंदी निबंध

शिक्षक का स्थान

हम सभी के जीवन में एक शिक्षक का होना अत्यंत आवश्यक है। यदि व्यक्ति के पास सही पथ प्रदर्शक हो तो व्यक्ति किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने मैं सक्षम होता है। एक गुरु ही व्यक्ति को तराश कर एक सशक्त और सुदृढ़ के रूप में गढता है। 

बिना गुरु के कोई भी व्यक्ति मार्ग में बने उस पत्थर के समान होता है जो किसी कार्य में तो उपयोग नहीं हो सकता परंतु मार्ग का रोड़ा बना रहता है।  परंतु गुरु के मिलने पर गुरु पत्थर रूपी इंसान रुपए पत्थर को तरसता है और उसे सम्मान में योग्य बना कर सम्मान रूपी मंदिर में स्थापित करता है। गुरु अनुपम ज्ञान का भंडार है ।‌ बिना गुरु के व्यक्ति का जीवन एक अंधेरे कमरे में जीवन जीने के समान होता है। एक सच्चा गुरु अपने शिष्य को हमेशा सम्मान पाने के योग्य बनाता है तथा अपने शिष्य का पथ प्रदर्शन करता रहता है। कहा गया है

गुरु पारस को अंतरों, जानत हैं सब संत। वह लोहा कंचन करें यह कर लिए महंत।

अर्थात पारस पत्थर तथा गुरु में यही फर्क होता है कि पारस पत्थर (Stone) तो लोहे को बस सोना बना कर छोड़ देता है, परंतु गुरु अपने शिष्य को अपने समान ही महान बनाता है।

शिक्षक पर 10 वाक्य – 10 Lines on Teacher in Hindi

1). गुरु ज्ञान का भंडार होता है। गुरु की महिमा अवर्णनीय है

2). जिस प्रकार वर्ष भर में बसंत का महीना सबसे मधुर होता है उसी प्रकार जीवन में गुरु के सानिध्य में बीता हर क्षण मंगलकारी होता है।

3). गुरु अपने शिष्य व उसके सफलता (success) के बीच की कड़ी होती है। गुरु के उपयोग से शिष्य अपनी सफलता पा सकता है।

4). गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है और कहा गया है

प्रभु रूठे, गुरु ठौर हैं। गुरु रूठे, ठौर नाही।।

यदि भगवान रूठ जाए तो आप गुरु के पास जा सकते हैं ।परंतु यदि गुरु रूठ जाए तो आपको ज्ञान कोई नहीं दे सकता।

5). इतिहास में बहुत से गुरु तथा उनके ज्ञान की बातें प्रचलित है। गुरु के समर्पित जीवन के    उपलक्ष में हम गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाते हैं।

6). गुरु वह मूर्तिकार है जो मनुष्य रूपी पत्थरों को  तरासता है तथा उन्हें भगवान जैसा सम्मान प्राप्त करने में उसकी मदद करता है।

7). गुरु अपने शिष्य का एक सच्चा पथ प्रदर्शक होता है।

8). गुरु के बिना एक मनुष्य का जीवन पशु के जीवन के समान होता है।

9). गुरु के ज्ञान की प्रतिभा से ही मनुष्य के जीवन में रोशनी आती है।

10). मनुष्य के सदाचार में उसके गुरु की छवि देखी जाती है। गुरु शिष्य का वो टुकड़ा है जो शिष्य को सम्मानित जनों से जोड़ता है।

उपसंहार

शिक्षक मानव जीवन की एक महत्वपूर्ण इकाई है। जन्म के बाद मनुष्य को विभिन्न राहे दिखती हैं। परंतु मनुष्य के लिए कौन सी राह उचित है और कौन सी रहा अनुचित है यह एक शिक्षक ही निर्धारित कर सकता है। शिक्षा का महत्व मानव जीवन में बहुत ही अमूल्य है एक शिक्षक के बिना कोई भी मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता। 

मानव जीवन हमें यह तो बता देता है कि हमें कहां देखना है, परंतु हमें क्या देखना है और कहां तक जाना है यह बात तो हमारे शिक्षक द्वारा ही हमें बताई जाती है। प्राचीन काल से ही गुरु का स्थान सर्वोपरि रहा है। गुरु ने हमेशा ही अपने शिष्यों पर उपकार किया है तथा उनके जीवन को सम्मानित व्यक्तियों के साथ जुड़े रखा है। 

हमारे इतिहास में आज भी अगणित गुरु और शिष्य के बारे में व्याख्यान उपलब्ध हैं। मनुष्य बड़ा हो या छोटा उसे एक शिक्षक की आवश्यकता अवश्य होती है बिना शिक्षक के किसी मनुष्य का जीवन एक भटकते हुए अंधे सांप की भांति है।

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निष्कर्ष

दोस्तों प्रस्तुत निबंध में शिक्षक की महानता के बारे में वर्णन किया है। यह निबंध बच्चों के पाठ्यक्रम से जुड़ा एक अति महत्वपूर्ण विषय है। जिस पर अक्सर बच्चों से निबंध लिखने के लिए कहा जाता है। हम सभी जानते हैं कि गुरु ज्ञान का भंडार होता है। अपने शिष्यों का उज्जवल भविष्य होता है। माता पिता के बाद गुरु ही एक ऐसा शुभचिंतक होता है जो अपने शिष्य को अपने ही समान महान बना देता है। 

हम आशा करते हैं कि हमारा यह आर्टिकल शिक्षक (गुरु) पर हिंदी निबंध Essay About Teacher in Hindi आप सभी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहा होगा। इस विषय से संबंधित आप कोई सवाल जाए सुझाव प्रस्तुत करना चाहते हैं तो मैं कमेंट जरूर करें। निबंध उचित लगा हो तो अपने दोस्तों से भी शेयर करें।

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