गाय (गौ माता) पर लेख हिंदी में | Essay of Cow in Hindi Class 1st to 12th

Essay of  Cow in Hindi : प्रिय स्टूडेंट आज के ब्लॉग में हम गाय के महत्व और उनकी विशेषताओं आदि का जिक्र करेंगे। छात्रों से अक्सर विभिन्न कक्षाओं में गाय पर निबंध को लिखने को कहा जाता है । ऐसे में उन्हें गाय के निबंध (Cow Essay) लिखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनकी सहायता के लिए आज ये लेख तैयार किया गया है।

हम छात्रों की सहायता के लिए गाय का निबंध बेहद ही आसान भाषा में लेकर आए है । जो उन्हे परीक्षा में काफी उपयोगी साबित होगा। गाय का निबंध (Cow Essay in Hindi) आपके लिए कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7,8,9,10,11 और12 के विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। कहीं ना कहीं इस ब्लॉग के जरिए छात्रों को विशेष रुप से लाभ पहुंचेगा।

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गाय (गौ माता ) पर लेख हिंदी में | Essay of Cow in Hindi Class 1st to 12th

गाय पूरी दुनिया में देवताओं की तरह पूजी जाती है। प्राचीन काल से ही भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ गाय को माना गया हो । फिर चाहे वह दूध की वजह से हो या फिर खेती-बाड़ी करने के बैलों की उपयोगिता ही क्यों न हो।गाय ही बैलों को पैदा करते है। वैदिक काल में गाय के महत्व व्यक्ति की समृद्धि का मानक हुआ करता था। दुधारू पशु होने के कारण गाय का विशेष महत्व है । गाय हमारे लिए कई मायने में बहुत उपयोगी घरेलू पशु है।

बच्चो और वृद्ध के लिए गाय का दूध काफी सेहतमंद

गाय के दूध में बहुत सारे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि बीमार और बच्चों के लिए ये बेहद उपयोगी होता है। गाय के दूध से विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं । दूध से दही ,मक्खन, पनीर और घी की निर्मित किया जाता है। घी और गोमूत्र का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी लोग इस्तेमाल करते हैं।

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गाय (गौ माता) के दूध की विशेषता

अन्य पशुओं की अपेक्षा गाय का दूध, हमारी सेहत के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। बच्चों की वृद्धि के लिए गाय के दूध का विशेष महत्व होता है। भैंस का दूध बच्चों के लिए कोई खास उपयोगी साबित नहीं होता है। इसको पीने से उनके अंदर सुस्ती आती है। वही गाय के दूध के लिए लोगों की मान्यता है कि इससे बच्चों में चंचलता और फुर्ती आती है । लोगो का कहना है कि भैंस का दूध पीने के बाद इसका बच्चा सो जाया करते हैं । वही गाय का बछड़ा अपनी मां की दूध का सेवन करने के बाद काफी उछल कूद करता है।

गाय उपयोगी कैसे ?

हमारे लिए गाय बहुत काफी उपयोगी जानवर है क्योंकि इसके मर जाने के बाद भी इसके शरीर का हर अंग हमारे किसी न किसी काम आता है । गाय का चमड़ा सींग और खुर आदि से काफी उपयोगी चीजें तैयार की जाती है यहां तक कि गाय की हड्डियों से तैयार खाद खेती के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है।

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गाय की देखने में शारीरिक रचना

गाय की शारीरिक संरचना का वर्णन करें तो इसका एक मुंह, दो कान, दो आंखें और चार थन के अलावा दो सींग और दो नथुने के अलावा चलने के लिए चार पैर होते हैं । गाय के बाहों के खुर का इस्तेमाल लोग जूते बनाने में करते हैं । गाय की पूंछ काफी लंबी होती है तथा गाय के पिछले हिस्से यानी की पूंछ के किनारे पर एक गुच्छा भी होता है । जिसकी सहायता से वो मक्खियों को उड़ाती आती है। गाय की कुछ ऐसी प्रजातियां हैं। जिनकी सींग नहीं होती है। गाय कई रंगों की होती है। जिनमें सफेद ,काला , लाल, बदामी और चितकबरी मुख्य रूप से है।

गाय की प्रमुख नस्ले

भारत में गाय कई नस्लों में पाई जाती हैं। ये भारत के अलग -अलग हिस्सों में पाई जाती हैं। और हर गाय की अलग खूबी होती है। भारत में मुख्य रूप से सहिवाल जोकि पंजाब, हरियाणा ,दिल्ली, उत्तर प्रदेश में पाई जाती है।वहीं गीर प्रजाति की गाय दक्षिण और काठियावाड़ में पाई जाती है। इसके अलावा थारपारकर गाय की प्रजाति मुख्य रूप से जोधपुर, जैसलमेर, कच्छ में पाई जाती है। करन फ्राइ नस्ल की गाय राजस्थान में पाई जाती है। वहीं विदेशी नस्ल की जर्सी गाय देश में काफी लोकप्रिय है। यह गाय दूध भी अन्य गायों की अपेक्षा सर्वाधिक देती है। भारत की गाय की माने तो ये आकार में काफी छोटी होती हैं। वहीं विदेशी गाय का शरीर काफी भारी भरकम होता है।

गाय का धार्मिक रूप से महत्व

भारत में गाय को देवी की तरह पूजा जाता है और ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इनके शरीर में 33 करोड़ देवताओं का वास होता है। यही वजह है कि दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष तौर पर पूजा की जाती है। इनका मोरपंखी से श्रृंगार किया जाता है।

प्राचीन काल से भारत में गाय को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वही युद्ध के समय ,स्वर्ण ,आभूषणों के साथ गायों को भी लूट कर ले जाया करते थे। जिस राज्य में सर्वाधिक गाय होती थी ,उस राज्य को उतना संपन्न माना जाता था। कृष्ण के गाए प्रेम से आप परिचित ही होंगे ।यही वजह है कि उनका एक नाम गोपाल भी रखा गया है।

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निष्कर्ष

वर्तमान समय में शहरों में गायों की स्थिति बेहद खराब है। इसके पीछे मुख्य वजह शहरवासियों का अधिक से अधिक पॉलिथीन का इस्तेमाल करना माना गया है। रोड पर घूमने वाली गाय भोजन की तलाश में पॉलिथीन का सेवन कर जाती है। 

जिससे उन्हें गंभीर बीमारियां हो जाती हैं और उनकी असमय मृत्यु हो जाती है। ऐसी स्थिति में जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें इस समस्या को खत्म करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए। जिससे कि गौ रक्षा की जाए और इससे हमारी धार्मिक आस्था के साथ अर्थव्यवस्था पर भी कोई विपरीत प्रभाव ना पड़े। 

कम शब्दों में कहें गाय का विशेष महत्व है। वर्तमान समय में गाय ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। 

तो दोस्तों, गाय पर हिंदी निबंध/लेख Essay of Cow in Hindi की ये जानकारी आपको बहुत पसंद आयी होगी। इस निबंध के बारे में आपके जो भी सुझाव हैं, आप हमसे ज़रूर शेयर करें। निबंध पढ़ने के लिए धन्यवाद।   

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