होली पर निबंध 200, 300 और 500 शब्दों में | Short and Long Essay of Holi in Hindi

हमारे इस आर्टिकल में विद्यार्थियों को होली पर निबंध | Essay of Holi in Hindi कैसे लिखते हैं यह बताया गया है। होली (होलिका दहन) पूरे भारत में मनाया जाने वाला एक खुशियों का और रंगों का त्योहार है। परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों में होली पर निबंध लिखने से संबंधित प्रश्न पूछा जाता है।

इस आर्टिकल में आपको होली पर निबंध 2022 से जुड़े सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। जैसे होली पर निबंध 200 शब्दों में (Short Essay of Holi in Hindi), 300 शब्दों में, 500 शब्दों (Long Essay of Holi in Hindi) में या फिर होली के लिए 10 वाक्य से संबंधित।

होली पर निबंध 200 शब्दों में – Short Essay of Holi in Hindi (200 Words)

भारतवर्ष के हिंदी महीनों के अनुसार फाल्गुन महीने में होली का त्यौहार मनाया जाता है। होली का त्योहार मनाए जाने के पीछे कई किंवदंतियां  मशहूर है। जिनमें से प्रहलाद की कहानी एक प्रमुख कहानी है। होली रंगों का त्योहार है, सभी लोग बहुत ही प्रसन्नता से इस त्योहार को मनाते हैं। होली एक धार्मिक त्यौहार है। इस दिन सभी भारतवासी अनेक रंगों से होली खेलते हैं तथा अपने देश में व्याप्त अनेकता में एकता को प्रदर्शित करते हैं। 

होली का पर्व आते हैं बाजार रंग-बिरंगे गुलालो से भर जाते हैं। दुकानदार अनेकों मिठाईयां दुकानों पर सजाते हैं। तथा लोगों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। बसंत ऋतु के त्यौहार बसंत पंचमी के बाद होली एक खुशी से भरा त्यौहार है। होली के दिन सभी लोग बच्चे, बड़े ,बूढ़े तथा महिलाएं अपने अपने साथियों पर रंगों की वर्षा करते हैं। 

इस पल को जीते हैं। होली के त्यौहार के 1 दिन पूर्व होलिका दहन का कार्यक्रम होता है। यह हर वर्ष पूर्णिमा के दिन पड़ता है। होलिका दहन में लोग होली आने की आगामी खुशी को महसूस करते हैं तथा बुराई रूपी होलिका को जलाकर आने वाले रंग-बिरंगे कल की परिकल्पना करते हैं।

होली पर निबंध 300 शब्दों में – Holi Festival Essay in Hindi (300 Words)

होली का पर्व मिलजुल कर मनाया जाने वाला एक खुशियों का अवसर है।  होली के दिन को खास बनाने के लिए रंगों का उपयोग किया जाता है।  हम रंगों से ही खेलते हैं। यह दिन बुराई पर प्राप्त हुई अच्छाई के प्रति समर्पित है। भारतवर्ष में इसे होली के नाम से जाना जाता है तथा विदेशों में रंगो के त्यौहार को वसंत ऋतु के आने के उपलक्ष में मनाया जाता है।

होली के दिन उपयोग किए जाने वाले रंग हमारे जीवन को रंग बिरंगी खुशियों से भर देते हैं। होली के दिन लोगों को सकारात्मकता का संदेश देते हैं। रंगों की मिलावट  के बावजूद कुछ लोग प्राकृतिक रंगों का निर्माण किए हैं तथा होली के लिए उन्हीं का प्रयोग करते हैं। होली के पूर्व मनाई जाने वाली होलिका दहन का दिन भी खास होता है। इस दिन लोगों की टोलियां द्वारा लकड़ियां इकट्ठी की जाती है। 

लोग मिल जुलकर अपने घर से लकड़ियां देते हैं। सब मिलकर लोकगीत गाते हैं, बच्चे पटाखे छुड़ाकर अपनी खुशियां व्यक्त करते हैं और प्राचीन कथाओं के अनुसार लकड़ियों में आग लगाकर लोग होलिका दहन की प्रक्रिया को संपन्न करते हैं। होली का दिन मार्च महीने में पूर्णिमा के दिन पड़ता है। इसे हम मार्च महीने में मनाते हैं। मार्च का महीना हिंदी कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन महीना के नाम से जाना जाता है। 

जैसा कि हम जानते हैं बसंत ऋतु का महीना फरवरी और मार्च में ही होता है। इसी वजह से कुछ लोग बसंत ऋतु के आगमन के रूप में ही सही परंतु रंगो के त्योहार होली को धूमधाम से मनाते हैं। होली के दिन सुबह रंगों से एक दूसरे को खुशियों का संदेश देते हैं। मित्रों को गले लगाते हैं तथा पकवान खाते हैं। होली की शाम के दिन सभी लोग रंग-बिरंगे गुलालो से अपने इस असाधारण दिन को मनाते हैं।

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होली पर निबंध 500 शब्दों में – Long Essay of Holi in Hindi (500 Words)

हर एक महत्वपूर्ण  दिन के पीछे कोई ना कोई कहानी अवश्य होती है। हम होली का त्यौहार मनाते हैं रंग खेलते हैं गुलाल उड़ाते हैं। इसके पीछे भी एक कहानी छिपी है। होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत पर भी निर्भर है। यह तो हम सभी जानते हैं कि बुराई कभी भी जीत नहीं सकती। बुराई जलता दीपक है, जो चीजों को जला सकता है परंतु अच्छाई की आधी इस दीपक को बुझा के रख देती हैं। यह कहानी प्रहलाद पर आधारित है, जो एक विष्णु भक्त था। 

परंतु उसके पिता द्वारा जारी किए गए आदेशों में एक प्रमुख आदेश था कि उसके पिता से अर्थात  हिरणाकश्यप से बड़ा अन्य कोई देवता पृथ्वी पर नहीं है। परंतु प्रहलाद यह मानने को तैयार नहीं था। उसका कहना था कि पृथ्वी पर कोई देवता नहीं है पूरी पृथ्वी को चलाने वाला एक देवता है , वह है श्री विष्णु।

प्रह्लाद की इसी विरोध के कारण उसके पिता उसको समाप्त कर देना चाहते थे तथा लोगों में स्वयं को भगवान सिद्ध करना चाहते थे। परंतु इसके साथ स्वयं भगवान विष्णु के भक्ति हो उसका कोई क्या बिगाड़ सकता था। प्रह्लाद के पिता ने कई अपना किए जिससे कि प्रहलाद को समाप्त किया जा सके। उन्होंने प्रहलाद को हाथी के पैरों के नीचे लाया, अनेकों तरह के कष्ट दिए परंतु प्रहलाद विष्णु भक्त के कारण सदैव सुरक्षित रहता था। 

हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग में ना जलने का वरदान मिला था। प्रह्लाद के पिता अनेकों उपायों के बावजूद प्रहलाद को ना मार पाए तो उन्होंने यह युक्ति निकाली कि होलिका के साथ प्रहलाद को अग्नि में जला दिया जाए। वरदान के कारण होलिका तो बच जाएगी परंतु प्रहलाद जलकर समाप्त हो जाएगा। उसने ठीक यही किया। होलिका और प्रहलाद को आग के हवाले कर दिया। परंतु विष्णु कृपा के कारण प्रहलाद बच गया और होलिका  जलकर नष्ट हो गई।

प्रहलाद की जान बच चुकी थी तथा हिरण्यकश्यप के राज्य में जनसाधारण में खुशी की लहर व्याप्त हो गई। क्योंकि हिरण्यकश्यप अपने पुत्र को समाप्त नहीं कर पाया था इससे लोगों में भगवान विष्णु के प्रति विश्वास और भी  बढ़ गया तथा लोग  हिरणाकश्यप पर हंसने लगे तथा प्रहलाद को अपना आदर्श मानने लगे। 

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जनसाधारण में इस बात की भी खुशी थी कि बुराई की प्रतीक होलिका जलकर नष्ट हो चुकी थी। होलिका कि जलने की खुशी में लोग होलिका दहन को याद करते हैं तथा बुराई के प्रतीक होलिका दहन की खुशी में अगले दिन होली का त्यौहार मनाते हैं। होली रंगों का त्योहार है तथा रंग हमारे जीवन में कई सकारात्मक संदेश लाते हैं। होली के दिन से पहले लोग लकड़ी लाते हैं, लोकगीत गाते हैं तथा खुशी से आग जलाकर होलिका दहन की एक प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

यह प्रक्रिया बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है तथा हमारे पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु द्वारा पवित्र होलिका के विध्वंस के शुभ अवसर पर हम रंगों से अपनी खुशी जाहिर करते हैं और होली मनाते हैं। होली के अवसर को विदेशों में बसंत ऋतु के आगमन के उपलक्ष में अनेक रंगों से खेल कर मनाया जाता है। होली का दिन हमारे जीवन में खुशियां लाता है। रंगों की तरह हमारे जीवन को चमकीला और खुशनुमा बना देता है। होली का त्यौहार रंगों की तरह हमारे जीवन को चमकीला और खुशनुमा बना देता है।

होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में – 10 Lines on Holi in Hindi

1). होली खुशियों और रंगों का त्योहार है। भारतवर्ष में हर धर्म के लोग इसे पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं।

2). होली का त्यौहार धर्म, संप्रदाय तथा जाति के बंधन को तोड़ कर सभी को भाईचारे का संदेश देता है।

3). भारतवासी अपने संबंधों में सभी पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं तथा रंगों से खेलते हैं।

4). बुराई पर अच्छाई के पीछे की कहानी है होली के लिए मशहूर है। कहते हैं विष्णु की कृपा से प्रह्लाद की जान बचने के उपलक्ष में होली का त्यौहार मनाया जाता है।

5). होली से 1 दिन पहले होलिका दहन की प्रक्रिया होती हैं। जोकि  हिरणाकश्यप की बहन होलिका के जलने के खुशी में पूर्णिमा के दिन जलाई जाती है।

6). होली में एक हफ्ते पहले से बाजारों में रंगों की धूमधाम शुरू हो जाती है। तथा लोग खरीदारी करना शुरू कर देते हैं।

7). होली का त्यौहार हिंदी कैलेंडर के अनुसार हर साल फाल्गुन मास में होता है। इंग्लिश कैलेंडर के अनुसार यह समय मार्च में आता है।

8). लोग एक दूसरे को गले लगाकर रंग लगाकर तथा फागुन गीत गाकर होली के त्यौहार को उत्साह पूर्वक मनाते हैं।

9). होली के अवसर पर खास तौर से गुजिया, पापड़, हलवा इत्यादि पकवान मशहूर है ।

10). होली होली का त्योहार भारतीय संस्कृति का प्रतीक है तथा इसके रंगो द्वारा भारत की अनेकता में एकता को प्रदर्शित किया जाता है।

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निष्कर्ष

इस लेख में हमने जाना की भाईचारे का प्रतीक ये त्यौहार होली कितने हर्षोलास के साथ भारत में मनाया जाता है। विधार्थियों के लिए होली पर निबंध Essay of Holi in Hindi की सारी जानकारी इस लेख में दी गई है। इसे पूरा पढ़ें और अगर अच्छा लगे तो अपने दोस्तों को भी बताये इसके बारे में। और इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके ज़रूर बताये, धन्यवाद।  


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