मेरा प्रिय नेता (महात्मा गांधी) पर निबंध | Mera Priya Neta Hindi Essay [2022]

आज के अपने इस लेख में हम Mera Priya Neta Par Nibandh लिखेंगे। एक नेता का क्या महत्व होता है। तथा नेता अपने समूह के लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है। नेता द्वारा अपने लोगों को किस प्रकार का सम्मान दिया जाता है इत्यादि बातें इस आर्टिकल में हम जानेंगे। Mera Priya Neta पर निबंध कैसे लिखें यह जानने के लिए हमारे इस आर्टिकल को शुरुआत से अंत तक पूरा पढ़ें।

यह तो हम सभी जानते हैं कि यदि एकता हो तो सफलता अवश्य मिलती है। जब एक समूह में सारे लोग मिलजुल कर कार्य करते हैं तब उस समूह को दिशा निर्देश देने के लिए उनका एक नेता होता है। एक नेता हमेशा अपने समूह के लोगों को एक साथ लेकर चलता है। किसी नेता द्वारा अपने समूह में या अपने लोगों मे किसी तरह का भेदभाव कर पाना संभव नहीं होता। एक सफल नेता वही होता है, जो अपने पूरे समूह के लोगों को एक साथ लेकर चलता है तथा उन्हें कभी भेदभाव नहीं करता। हम सभी को एक समझदार व्यक्ति को तथा साहसी व्यक्ति को ही किसी भी कार्य के नेतृत्व के लिए चुनना चाहिए।

मेरा प्रिय नेता (हिंदी निबंध 2022) – प्रस्तावना

किसी भी कार्य को करने के लिए एक सफल नेतृत्व की जरूरत होती है यह जरूरत एक नेता द्वारा ही पूरी की जा सकती है। एकता में शक्ति होती है तथा सही दिशा में कार्य करने का ज्ञान हमें हमारा नेता ही देता है‌। ‌ जिसे समूह के लोगों में एक सफल नेता रहता है उस समूह के लोग किसी भी कार्य को आसानी पूर्वक तथा प्रसन्नता पूर्वक समाप्त कर लेते हैं ‌। एक नेता वही होता है जो सभी लोगों को एक साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। एक महान सफलता के पीछे छिपा कारण एक सफल पथ प्रदर्शक या सफल निर्देशक ही होता है।

सफल नेता

नेता और व्यक्ति नहीं होता जो केवल लोगों को अपने अधिकृत समझता है। नेता वह भी नहीं होता जो अपने समूह की मदद करने की वजह उन्हें केवल कार्य करने की आदेश देता है। सफल नेता वही होता है जो निर्देश देने के साथ-साथ अपने सहकर्मियों के कार्य में उनकी मदद करता है तथा उन्हें सही दिशा में ले जाता है। नेता उतना ही मजबूत होता है जितना कि उसके समूह की एकता। यदि समूह के सभी लोग अपने नेता के निर्देशों का पालन करें तथा उनके दिखाए दिशा पर ही चले तो अवश्य ही वह 1 दिन सफलता को गले लगा सकते हैं। हमारे विद्यालयों में भी एकता से जुड़े प्रचार सिखाए जाते हैं तथा सभी को शिक्षक की आज्ञा माननी को कहा जाता है। एक अच्छे गुण वाला नेता सर्वस्व समूह के हृदय में बसा होता है। तथा सभी लोग उसका सम्मान करते हैं और उसकी आज्ञा का पालन करते  हैं।

सर्वप्रिय नेता के गुण

एक नेता में भेदभाव की भावना कभी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई नेता अपने समूह में किसी व्यक्ति विशेष के लिए ऐसी भावना रखता है तो उसका नेतृत्व किसी भी प्रकार से सफलता के रास्ते पर नहीं ले जाएगा। नेता सच्चा ईमानदार होना चाहिए। ईमानदार नेता अपने समूह को आगे ले जाने के लिए किसी प्रकार के झूठ की मदद नहीं लेता जिससे वह किसी गंभीर मुसीबत में नहीं पड़ता।  यदि किसी मुसीबत का सामना करना पड़ता है तो वह सच्चाई के दम पर सफल हो जाता है। नेता को किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए। एक भयभीत नेता कभी सही ढंग से नेतृत्व नहीं कर सकता। नेता को अपने लोगों के प्रति सम्मान भाव तथा मृदुलता का प्रदर्शन करना चाहिए। नेता समाज और सरकार के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी होता है। यह हमारे समाज में प्रशासन और लोगों के बीच एक साथ समन्वय स्थापित करता है। जिससे हम लोगों के विकास में तथा देश या समूह के विकास में तेजी आती है।

मेरे प्रिय नेता महात्मा गांधी

गांधी जी का नाम कौन नहीं जनता। महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाई। उन्होंने अहिंसा के पथ पर आगे बढ़ते हुए हमारे देश हमारे समाज का नेतृत्व जिसका परिणाम है यह स्वतंत्र भारत। महात्मा गांधी शुरू से ही गंभीर एवं अहिंसा के पुजारी थे। इन्होंने कभी किसी हथियार का उपयोग नहीं किया तथा अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अपनी जनता का नेतृत्व किया और उन्हें आजादी दिलाई।

महात्मा गांधी का जन्म

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर सन 1869 को पोरबंदर में हुआ था। महात्मा गांधी के बचपन का नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। इनकी माता का नाम पुतलीबाई तथा पिता का नाम करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी की माता धार्मिक क्रिया कलाप में संलिप्त रहने वाली महिला थी। उनका जीवन अपने गृह कार्य तथा धार्मिक कथाओं को पढ़ने एवं पूजा पाठ में ही बीतता था। महात्मा गांधी की मां का असर महात्मा गांधी पर भी देखने को मिला। महात्मा गांधी अहिंसा के पुजारी के रूप में जाने गए। इनकी मां से इन्हें बचपन में ही रामायण महाभारत जैसी कहानियां सुनाई की जिससे महात्मा गांधी काफी प्रभावित हुए।

महात्मा गांधी स्वतंत्रता सेनानी के रूप में

महात्मा गांधी स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाने  जाने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं। अंग्रेजों द्वारा श्वेत अश्वेत में भेदभाव किए जाने पर उनका विरोध करने के लिए सर्वप्रथम महात्मा गांधी ने  कदम उठाया ‌। जब महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई में शामिल हुए तब हमारे देश के अनेकों युवा भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने के लिए तत्पर हो गए। और आजादी की लड़ाई लड़े। इस लड़ाई का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था। वह एक अहिंसक बैठे थे तब सभी को समान भाव से देखते थे। महात्मा गांधी कभी किसी गलत रास्ते पर नहीं गए। उन्होंने देश प्रेम दिखाते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। तथा कई आंदोलनों एवं रैलियों के बाद महात्मा गांधी भारत देश को स्वतंत्र कराने में सफल हो गये। महात्मा गांधी ने अपने लोगों को उनकी जीत के प्रति आश्वस्त किया तथा उनके प्रेरणा स्रोत बने ‌‌। महात्मा गांधी की शतक प्रयास एवं सफल नेतृत्व का परिणाम है कि आज हमारा भारत स्वतंत्र है तथा गुलामी की बेड़ियों से आजाद हो चुका है। हम सभी गांधी जी के जन्मदिन को उल्लास पूर्वक मनाते हैं तथा उनके जीवन के बारे में जानते हैं ‌।

मेरे प्रिय नेता महात्मा गांधी की मृत्यु

भारत को आजाद कराने के लिए आजादी की लड़ाई में शामिल होने वाले अहिंसा के पुजारी मोहनदास करमचंद गांधी ने अथक प्रयास किए। परंतु उन दिनों में कुछ अनैतिकता के कारण महात्मा गांधी की मृत्यु हुई। 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी को मंदिर में प्रार्थना करने के पश्चात नाथूराम गोडसे ने गोली मार दी। मरते समय भी महात्मा गांधी का अंतिम शब्द हे राम था। महात्मा गांधी ने हमारे देश के स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। तथा समस्त जन का नेतृत्व करके उन्हें उचित मार्ग दिखाया। उन्होंने सबके मन में अहिंसा भाव उत्पन्न किया तथा विदेशी वस्तुओं के जगह स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग कर अंग्रेजों का विरोध किया। महात्मा गांधी ने कई आंदोलन चलाए जिनमें से प्रमुख आंदोलन हैं  सत्याग्रह आंदोलन, नमक सत्याग्रह,सविनय अवज्ञा आंदोलन इत्यादि। महात्मा गांधी ने स्वयं तो अहिंसा के दम पर अपनी लड़ाई जीते हैं और पूरे भारत वासियों को अहिंसा के मार्ग पर चलने की शक्ति से अवगत भी कराया। महात्मा गांधी समस्त विश्व  में स्वतंत्रता सेनानी के एक अच्छे उदाहरण के रूप में जाने जाते हैं।

उपसंहार

प्रिय नेता वही होता है जिससे उसकी जनता द्वारा सम्मान एवं सराहना प्राप्त हो। नेता का कर्तव्य होता है कि वह अपनी प्रजा की हर समस्या का समाधान करें तथा उन्हें उचित दिशा निर्देश दें। मेरे प्रिय नेता महात्मा गांधी एक अच्छे नेता के उदाहरण के स्वरूप में उजागर हुए हैं। जन समुदाय को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी ने कहा कि अहिंसा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। अहिंसा के मार्ग पर चलने से भी हमें जीत हासिल हो सकती है। इन्होंने हमेशा अपनी जनता को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

निष्कर्ष

प्रिय नेता पर निबंध एक अनिवार्य निबंध लेखन का शीर्षक है। प्रिय नेता पर निबंध लिखने के लिए आप अपने किसी प्रिय नेता के जीवन परिचय को निबंध के रूप में लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ राजेंद्र प्रसाद इत्यादि। हम आशा करते हैं यह आर्टिकल आपके लिए मददगार रहा होगा आपका प्रिय नेता कौन है उनके बारे में हमें कमेंट में अवश्य बताएं।

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