हिन्दी निबंध : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल | Arvind Kejriwal (Delhi CM) जीवन परिचय

आज का निबंध अरविंद केजरीवाल जी पर आधारित है। उनका जीवन समाज सेवा तथा दूसरों को पूरी तरह समर्पित है। अरविंद केजरीवाल एक लोक प्रिय नेता के रूप में जाने जाते हैं। अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। उनका पहला कार्य काल 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक रहा। उन्होंने अपने जीवन में अत्यधिक संघर्ष किया तथा समाज में पारदर्शिता लाई। इन्हें अपने अच्छे कार्यों के लिए 2006 में रमन मैग्सेसे पुरस्कार (Ramon Magsaysay Award) भी दिया गया था। इन्होंने एक राजनीतिक दल की स्थापना की है जिसका नाम है आम आदमी पार्टी।

Delhi CM अरविंद केजरीवाल Par Nibandh [1300 Words]

अरविंद केजरीवाल भारतीय राजनीति में एक समाज सुधारक लोकप्रिय नेता तथा सुदृढ़  कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्म 16 अगस्त सन  1968 हरियाणा स्थित हिसार गांव में हुआ था। अरविंद केजरीवाल जी की पत्नी का नाम सुनीता है तथा उनके दो बच्चे हैं। अरविंद केजरीवाल जी बचपन से ही एक गंभीर तथा मेधावी छात्र रहे हैं। अरविंद केजरीवाल बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखते थे। इन्होंने अपने पहले ही प्रयास में एक विद्यार्थी के नाते आईआईटी (IIT) जैसे कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया। तथा अपने लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स (Mechanical Engineering Course) के लिए खड़गपुर कॉलेज चुन लिया। पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्हें नौकरी भी मिली परंतु इनकी रूचि सिविल सर्विस में थी ‌। 

सिविल सर्विस की तैयारी करने हेतु उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया तथा 2 महीने तक कालीघाट आश्रम में मदर टेरेसा के साथ काम किया। सन 1993 में इन्होंने अपने अथक प्रयास से सिविल सेवा के अंतर्गत भारतीय राजस्व सेना में शामिल होने का अवसर प्राप्त किया। जनवरी 2000 में उन्होंने दिल्ली आधारित एक आंदोलन में परिवर्तन की स्थापना की जो सरकार की जवाबदेही को सुनिश्चित करने का काम करती हैं। नौकरी से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल अपना पूरा समय भारत में परिवर्तन लाने के लिए व्यतीत किए। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर सूचना अधिकार अधिनियम चलाया जो एक जन आंदोलन का रूप ले लिया। वर्ष 2005 में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद में सूचना अधिकार अधिनियम को पारित कर दिया।

आम आदमी पार्टी का गठन

अरविंद केजरीवाल जी अपना पूरा जीवन पूरे भारत में जागरूकता फैलाने के लिए तथा दूसरों को प्रेरित करने के लिए ही समर्पित किया है। अरविंद केजरीवाल का सपना था कि आम आदमी तक सरकार की सभी सुविधाएं उपलब्ध हों तथा उनके प्रति किए जाने वाले किसी भी कार्य की जवाबदेही सरकार द्वारा आम जन तक पहुंचाई जा सके। बहुत ही कठिन परिश्रम के बाद उन्होंने लोकपाल आंदोलन की सहयोगीयों द्वारा 26 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी के गठन की स्थापना की जिसमें उनके बहुत सारे सहयोगी शामिल थे। भारतीय संविधान अधिनियम की 63 वीं वर्षगांठ पर आम आदमी पार्टी के गठन की घोषणा दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर की गई। इन्होंने अपना औपचारिक सफर 2 अक्टूबर 2012 को ही शुरू कर दिया था। यह महात्मा गांधी जी के अनुयाई थे तथा इन्होंने अपनी टोपी पर मैं आम आदमी हूं यह वाक्य के लिखवाया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल जी ने स्वतः ही आम आदमी पार्टी का गठन किया ।  इसके बाद उन्होंने 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली की सीट से चुनाव लड़ा। प्रथम चुनाव में उनकी टक्कर दिल्ली की 15 साल से रह रही मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित से थी। शीला दीक्षित नई दिल्ली की 3 बार से लगातार बनने वाली मुख्यमंत्री रहीं। परंतु अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता इस चुनाव में अलग ही छाप छोड़ गई। अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को बहुमत से हरा दिया। अरविंद केजरीवाल जी ने 2013 में दिल्ली की राजनीतिक में सबको चौंका देने वाला अद्वितीय प्रवेश किया। इन्होंने 70 सीटों में से 28 सीटें जीतकर पूरी राजनीति में एक अलग ही सुनामी ला दी। भारतीय जनता पार्टी के बाद यदि कोई सबसे बड़ी पार्टी बनी तो  वह थी आम आदमी पार्टी। अरविंद केजरीवाल जी का प्रभाव तो हम उनके पहले चुनाव से ही देख सकते हैं। शीला दीक्षित के मुकाबले में विजय प्राप्त कर तथा सामाजिक कार्यकर्ता से उभर कर एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में अपना नाम दर्ज कराया।

दिल्ली में लोक कल्याण के कार्य

जनता ने अपने लिए मुख्यमंत्री के रूप में एक जनकल्याणकारी व्यक्ति को नेतृत्व करने के लिए चुना। 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए अरविंद केजरीवाल बड़े सुर्खियों में रहे। अरविंद केजरीवाल का नेतृत्व अन्य व्यक्तियों के नेतृत्व से बिल्कुल अलग था। यही कारण है कि दिल्ली को आम आदमी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने के बाद सर्वप्रथम अरविंद केजरीवाल जी ने सिक्योरिटी वापस लौटा दिया, उन्होंने बिजली की दरों में कटौती की, तथा दिल्ली पुलिस एवं गृह मंत्रालय के खिलाफ प्रदर्शन किया और कुछ बड़े उद्योगपति और उनकी कंपनियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के आदेश दिए। कुछ भ्रष्ट नेताओं के कारण दिल्ली का लोकपाल बिल गिर गया इसलिए नैतिक आधार पर अरविंद केजरीवाल जी ने अपने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

अरविंद केजरीवाल जी को दिए जाने वाले पुरस्कार

अरविंद केजरीवाल जी ने अपनी लोकप्रियता के लिए अलग पहचान बनाई थी। यह लोगों के बीच आकर्षक का केंद्र बने तथा यह सरकार से समाज को जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आए। अरविंद केजरीवाल जी को उनके जीवनकाल में बहुत से पुरस्कार मिले हैं। जिनमें से कुछ खास पुरस्कार निम्न है-

वर्ष 2004 में अशोक गहलोत सिविक पुरस्कार,  2005 सत्येंद्र दुबे मेमोरियल अवार्ड, वर्ष 2006 में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए इन्हें रमन मैग्सेसे अवार्ड दिया गया तथा साथ ही 2006 में ही लोक सेवा में सीएनएन आईबीएन इंडियन ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया। वर्ष 2009 में इन्होंने विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्राप्त किया तथा वर्ष 2013 में फॉरेन पॉलिसी द्वारा इन्हें सर्वोच्च वैश्विक चिंतक में शामिल किया गया। वर्ष 2014 में विश्व के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में चुना गया।

अरविंद केजरीवाल जी की विशेषताएं

लोकतंत्र के माने तो हम सभी जानते हैं लोकतंत्र में से कमजोर आदमी अपने लोकतंत्र का एक मजबूत आदमी बन सकता है। अरविंद केजरीवाल जी एक आम आदमी से ही दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले मेहनती व्यक्ति हैं। इन्होंने राजनीति में प्रवेश के महज कुछ ही वर्षों में अपने लिए नियत स्थान बना लिया जो कि एक साधारण राजनीति कार्य करना नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के बाद आम आदमी पार्टी ही सबसे बड़ी पार्टी है। वही हम इनके कार्य को देखें तो इनका मुख्य तरीका आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर काम करना था। उन्होंने सूचना के अधिकार को कानूनी रूप देने के लिए एक देशव्यापी आंदोलन चलाया । जिसमें उनके कुछ साथी अरुणा राय शेखर सिंह, प्रशांत भूषण आदि ने भी अपना योगदान दिया।

उपसंहार

अरविंद केजरीवाल जी राजनीतिक पार्टी या राजनीतिक परिवार से संबंध नहीं रखते थे। लोगों के बीच अपनी लोकप्रियता बढ़ाई तथा लोक कल्याण के ऐसे काम किए जिससे कि लोगों में अपने नेतृत्व की भावना का संचार कर सकें। इन्होंने कई राजनीतिक आंदोलन किए जो आम जन के लिए कल्याणकारी थे। वर्ष 2012 में केजरीवाल अन्ना हजारे द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का एक जाना माना हिस्सा बन चुके थे।  केंद्र सरकार ने आंदोलन से प्रभावित होते हुए जन लोकपाल बिल का एक ढांचा तैयार किया परंतु केजरीवाल जी और उनके अन्य कार्यकर्ता इस बिल से खुश नहीं हुए। इस घटना का परिणाम यह हुआ कि केजरीवाल राजनीति में आने का फैसला किया तथा अपने पार्टी आम आदमी पार्टी कि गठन किया जिसे हम आप के नाम से जानते हैं इसकी स्थापना की। वर्ष 2013 में दिल्ली विधानसभा के चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल जी उम्मीदवार बने। यह चुनाव एक ऐतिहासिक चुनाव साबित हुआ इस चुनाव में पिछले तीन बार चुनाव में विजई रहे उम्मीदवार हार गई तथा पहले बार में ही केजरीवाल जी की पार्टी की शानदार जीत हुई। सत्ता में आते ही इन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई ,सुरक्षा इत्यादि पर काम किया तथा लोगों के बीच आकर्षक का केंद्र बन गये।

निष्कर्ष

प्रस्तुत निबंध अरविंद केजरीवाल जी पर आधारित है यह निबंध पाठ्यक्रम की दृष्टि से एक उपयोगी निबंध है अतः छात्रों से अनुरोध है कि इसका अध्ययन अवश्य करें। अरविंद केजरीवाल जी के बारे में आपका क्या ख्याल है हमें कमेंट में जरूर  बताएं। जानकारी अच्छी लगी तो अपने दोस्तों से भी शेयर करें।

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