जर्मनी के एकीकरण की बाधाएं क्या थी ? इतिहास | Chapter 1 | कक्षा 10

यदि पूरे विश्व की  बात की जाए तो कोई ना कोई ऐसे ऐतिहासिक बदलाव होते हैं जिसके मद्देनजर बाढ़ के वर्षों में भी कई सारे नए और पुराने बदलाव देखे जाते हैं जो सामान्य रूप से सही माने जाते हैं। इतिहास में कई सारे ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनके बारे में  लोगों के अंदर विशेष प्रकार के उथल-पुथल देखने को मिलते हैं| जिसके अंतर्गत कई सारी बाधाओं को भी देखा जाता है जो उस समय कार्य को अंजाम देने के लिए सही तरीके से  कारगर साबित नहीं हो रहे थे|  ऐसे में आज हम आपको जर्मनी के एकीकरण (Unification of Germany) के बारे में जानकारी देंगे और बताएँगे की जर्मनी के एकीकरण की बाधाएं क्या थी,  जर्मनी का एकीकरण कब और किसने किया ताकि इतिहास का यह सवाल आज भी आपके लिए परेशानी का सबब न बन सके |

जर्मनी का एकीकरण क्या है ? What is Unification of Germany in Hindi

यह घटना 1871 की है जब मध्य यूरोप के कुछ मुख्य राज्यों को मिलाकर उसे नए सिरे से आगे बढ़ाने के बारे में  सोचा  गया और फिर 300 जर्मन साम्राज्य का विस्तार करते हुए निर्माण कर दिया गया और इसी ऐतिहासिक प्रक्रिया को ही जर्मनी का एकीकरण कहा जाता है|  एकीकरण में मुख्य रूप से  प्रशा, बवेरिया, सैक्सोनी  जैसे राज्य  शामिल थे|  एक अनुमान के अनुसार प्राचीन में लगभग 300 राज्यों में बटा हुआ था लेकिन बाद में  एकीकरण होने के बाद इसमें कई प्रकार के परिवर्तनों को  महसूस किया गया था|

जर्मनी का एकीकरण कब और किसने किया ?

जर्मनी का एकीकरण 1870 में बिस्मार्क द्वारा किया गया था जिन्होंने एक नई रणनीति अपनाते हुए जर्मनी का एकीकरण करने की नीति अपनाई थी।सामान्य  रूप से  बिस्मार्क  को जनतंत्र विरोधी माना जाता था और उनके इस बदलाव के चलते उन्हें कई प्रकार से राजनैतिक पार्टियों का दबाव भी बनाया जाने लगा था| 

जर्मनी के एकीकरण की मुख्य बाधाएं

जब जर्मनी का एकीकरण किया गया उस समय कई सारी बाधाएं सामने आई थी जिन पर विस्तार से चर्चा करना जरूरी माना जाता रहा है। उस समय कई सारे ऐसे तत्व थे, जो एकीकरण होने में समस्या खड़ी कर रहे थे| ऐसे में उन समस्याओं का निपटारा करना आसान नहीं लग रहा था| आज हम आपको जर्मनी के एकीकरण की मुख्य बाधाओं के बारे में जानकारी देने वाले हैं| 

1. जर्मन भाषी क्षेत्रों के बीच  विरोधाभास होना 

इसे मुख्य रूप से जर्मनी के एकीकरण में बाधा के रूप में देखा जाने लगा था। जहां जर्मन बोले जाने वाले क्षेत्रों में विशेष रुप से विरोध किया जा रहा था जिसमें कई सारे दूसरे देशों ने भी विरोध कर लिया  था| ऐसे में मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया का नाम सामने आता है जिन्होंने इस विरोध में अपना योगदान दिया|  इसके अलावा जर्मनी का एकीकरण किया गया तो कुछ छोटे  राज्य  भी थे जो इस एकीकरण का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे और वे लगातार बाधा बने हुए थे|

2. फ्रांस का एकीकरण के विचार पर होने लगा विरोध

जब जर्मनी के एकीकरण की बात हो रही थी उस समय फ्रांस ने अपना योगदान नहीं दिया था। इसके पीछे एक ही बात सामने आ रही थी कि फ्रांस में ऐसे लोग भी निवास करते थे जिन्हें मुख्य रूप से जर्मनी के एकीकरण से  परेशानी  हो रही थी और ऐसे राजनीतिक फैसले  ना लेने के लिए वे लगातार  फ्रांस पर दबाव बना रहे थे| 

3. जर्मनी के 300 राज्य एकजुट होना चाहते थे

जब जर्मनी के एकीकरण की बात हुई उसके पहले भी 300 राज्यों में एकजुटता नहीं थी लेकिन जैसे ही एकीकरण की बात सामने आई तो अचानक ही सारे   राज्य  एकजुट हो जाना चाहते थे|  उस समय इन सभी राज्यों में विशेष शक्तियों का शासन हुआ करता था और बिना उनकी इजाजत के कोई भी अपने मर्जी का काम नहीं कर पाता था| ऐसे में दक्षिण में कैथोलिक और रूढ़िवादिता होने के बावजूद लोगों ने खुलकर जर्मनी के एकीकरण का साथ नहीं दिया था| ऐसे में यह मुख्य रूप से  बाधा  के रूप में सामने आ रहा था|

4. जर्मनी के राज्यों में राजनैतिक, सामाजिक और धार्मिक विषमताओं का होना

जब जर्मनी का एकीकरण किया जा रहा था उस समय उसके अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों को एकजुट होना था लेकिन उस समय जर्मनी के प्रत्येक राज्यों में राजनैतिक, सामाजिक और धार्मिक रूप से कई प्रकार की विषमताओं को देखा गया जिसमें लोग एक दूसरे के प्रति सहयोगात्मक रवैया नहीं अपना रहे थे| ऐसे में उन्हें निश्चित रूप से ही बाधा का सामना करना पड़ा था|

5. ऑस्ट्रिया का हस्तक्षेप होना

एकीकरण के समय  इस देश  का विशेष रूप से हस्तक्षेप देखा जा रहा था जो जर्मनी की रणनीति पर आगे नहीं बढ़ना चाहता था| ऐसे में एकीकरण करना मुश्किल हो रहा था।  इसी प्रकार से कुछ दूसरे छोटे  देश भी थे जो लगातार एकीकरण की होने वाली प्रक्रिया से सहमत नहीं थे और इस वजह से लगातार जर्मनी का एकीकरण बाधित हो रहा था|

6. दक्षिणी जर्मन में पोप का प्रभाव

सामान्य रूप से यह भी देखा जा रहा था कि एकीकरण के समय दक्षिण जर्मन में  पोप  का विशेष रूप से प्रभाव देखा गया था जो यह नहीं चाहते थे उन सभी राज्यों का एक साथ एकीकरण हो जाए और ऐसे में जनता ने भी विशेष रूप से विरोध प्रदर्शित किया था लेकिन ज्यादातर एकीकरण के समय होने वाले प्रभाव को ही  बाधा  की श्रेणी में रखा जा रहा था|

जर्मनी के एकीकरण में होने वाले विशेष लाभ

जब जर्मनी का एकीकरण हुआ उसके बाद लोगों के बीच में जागरूकता का भाव प्रकट हुआ जहां पर कई तरह के लोगों का सामना एक दूसरे से हुआ और आर्थिक दृष्टि से भी जर्मनी अब एक हो चुका था। जर्मनी के एकीकरण के बाद ही जालवरिन की स्थापना कर दी गई थी जिसे महत्वपूर्ण माना जाने लगा और जिसके बाद सभी लोग एक राज्य से दूसरे राज्य आसानी के साथ आने जाने लगे और साथ ही साथ अपने विचारों को भी व्यक्त करने लगे थे| इसके मद्देनजर ही भविष्य के लिए भी कई प्रकार की राजनीतिक एकीकरण को जन्म दिया गया था जिसके तहत नए नए मार्ग बनाए जाने लगे थे ताकि  किसी दूसरी प्रकार की बाधाओं का सामना ना करना पड़े और इसके अंतर्गत  कई  प्रकार की संगठनों का भी निर्माण किया गया ताकि लोगों को भी एकजुट रखकर सहयोगात्मक रवैया दर्शाया जा सके|

आज हमने इस आर्टिकल में जर्मनी के एकीकरण में क्या क्या बाधाएं थी वह संक्षेप में पढ़ा है। इस आर्टिकल के बारे में अपने दोस्तों को ज़रूर बताएं और आपका  इस आर्टिकल के बारे में कोई विचार है तो हमें ईमेल ([email protected]) के माध्यम से सम्पर्क जरूर करें।  

ये भी पढ़ें 

Leave a Comment