प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं (Per Capita Income) | सरल भाषा में जानिए

सामान्य रूप से देखा जाता है कि प्रत्येक देश एवं राज्यों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी लेना जरूरी माना जाता है जिसके अंतर्गत हम कई सारी विशेष सुविधाओं का लाभ  ले सकते हैं|  ऐसे में इस बात पर भी गौर किया जाता है कि किसी भी विशेष रूप से  देश, नगर एवं राज्य में रहने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी लेना जरूरी है, जिसके  अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय देखा जाता है| ऐसे में कुछ लोगों की इसकी विशेष जानकारी नहीं होती  है इसीलिए हम भी आपके लिए विस्तृत से प्रति व्यक्ति आय के बारे में जानकारी देने वाले हैं | 

क्या होती है प्रति व्यक्ति आय ? What is Per Capita Income in Hindi

सामान्य रूप से प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) उस निश्चित आय को कहा जाता है जिसके अंतर्गत देश में होने वाली कुल घरेलू उत्पाद को उस देश की किसी एक निश्चित वर्ष की समयावधि तिथि के अंतर्गत जनसंख्या से विभाजित कर दिया जाता है। इसके लिए राष्ट्रीय आय को देश की कुल जनसंख्या से विभाजित करने के बाद प्रति व्यक्ति आय को प्राप्त किया जा सकता है, जो निश्चित रूप से ही आपके लिए और देश के लिए ही काम के  साबित होते हैं |

भारत की प्रति व्यक्ति आय 

अगर हम 2021 के प्रति व्यक्ति आय की गणना करते हैं तो भारत के लिए यह साल बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाएगा। जिसके अंतर्गत भारत की प्रति व्यक्ति आय में काफी हद तक अंतर महसूस किया गया जहां पर लगभग ₹100000 की कमी महसूस की गई जो पिछले 4 सालों में सबसे ज्यादा मानी जाती है| ऐसे में 2021 के आखिरी तक भारत की प्रति व्यक्ति आय ₹99694  दर्ज की गई थी|

भारत में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय का राज्य

ऐसे तो भारत में प्रत्येक राज्यों का अलग महत्व है जहां पर प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी देखी जाती है लेकिन अगर हम  भारत में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय वाले  राज्य की बात करें तो सबसे ऊपर गोवा का नाम आता है | 

भारत के पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति आय 

भारत में समुचित रूप से प्रति व्यक्ति आय को स्थान दिया गया है जहां पर इसे वैश्विक स्तर पर ही सही दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है| ऐसे में भारत के मुख्य पड़ोसी देश ऐसे हैं जिनके प्रति व्यक्ति  अच्छी खासी तक मानी जाती है जिनमें मुख्य रुप से पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल  शामिल है  लेकिन अगर इन सभी देशों में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति आय की बात की जाए तो वह श्रीलंका है जहां पर अन्य देशों की अपेक्षा ज्यादा प्रति व्यक्ति आय  को दर्शाया जाता है|

विश्व में विभिन्न देशों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय 

यदि संपूर्ण विश्व की बात की जाए  भविष्य में विभिन्न देशों के लिए प्रति व्यक्ति आय अलग-अलग दर्शाई जाती है जिसके अंतर्गत आकलन किया जा सकता है |

1. लक्जमबर्ग – US$ 109,602

——————————————–

2. स्विट्जरलैंड — US$ 81,867

——————————————–

3. आयरलैंड — US$ 79,669

——————————————–

4. नॉर्वे — US$ 67, 989

——————————————–

5. यूनाइटेड स्टेट्स — US$ 63.051

——————————————–

6. सिंगापुर — US$ 58,484

——————————————–

7. डेनमार्क — US$ 58,439

——————————————–

8. आइसलैंड — US$ 57,189

——————————————–

9. कतर — US$ 52,751

——————————————–

10. ऑस्ट्रेलिया — US$ 51,885

——————————————–

11. नीदरलैंड — US$ 51,290

——————————————–

12.   स्वीडन — US$ 50,339

——————————————–

13. ऑस्ट्रिया — US$ 48,634

——————————————–

14. फिनलैंड — US$ 48,461

——————————————–

15. जर्मनी — US$ 45,466

राष्ट्रीय आय अधिक होने का महत्व

सामान्य रूप से देखा जाता है कि जिस भी देश की राष्ट्रीय आय अधिक होती है वहां पर निश्चित रूप से ही  सुविधाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा यदि राष्ट्रीय आय सही होती है, तो दूसरे देशों के साथ ही सही तरीके से संबंधों को दर्शाया जा सकता है| ऐसे में जिस देश की राष्ट्रीय आय अधिक होती है,उसे  विकसित देश कहा जाता है। इसके अलावा यदि किसी भी देश की राष्ट्रीय आय  कम  होती है, तो ऐसे में उन्हें  अविकसित या विकासशील देश के रूप में जाना जाता है| 

प्रति व्यक्ति आय की कुछ सीमाएं :-

प्रति व्यक्ति आय की कुछ सीमाएं होती हैं जो निम्न रूप से दर्शाई जाती हैं

1. मुद्रा स्थिति — मुद्रा स्थिति वह दर होती है जब  विभिन्न उत्पादों की कीमतें बढ़ने लगती हैं| ऐसी स्थिति में प्रति व्यक्ति आय को प्रतिबिंबित किया जाता है जिसमें अर्थव्यवस्था में काफी फर्क पड़ता है|

2. जीवन का स्तर— प्रति व्यक्ति आय की सीमा  यह भी मानी जाती है कि इसके माध्यम से किसी विषय क्षेत्र में स्थित स्तर में प्रतिनिधित्व नहीं हो पाता,ऐसे में  प्रति व्यक्ति आय  का  जनसंख्या में काफी हद तक  फर्क पड़ता है|

3. तुलनात्मक  रवैया — प्रति व्यक्ति आय के अंतर्गत हमेशा अंतरराष्ट्रीय रूप से  तुलनात्मक रवैया  अपनाया  जाता है, जिसके अंतर्गत विनिमय दर की गणना में उतार चढ़ाव महसूस किया जाता है|

प्रति व्यक्ति आय की विभिन्न लाभ

अगर हम किसी विशेष देश या राज्य की प्रति व्यक्ति आय के बारे में जानकारी हासिल करते हैं,तो  इससे लाभ प्राप्त होते हैं, जो निम्न है|

1. प्रति व्यक्ति आय के माध्यम से देश में चल रही धन की कमी का पता लगा सकते हैं इसका उपयोग मुख्य रूप से ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक्स एजेंसी  के लिए किया जाता है। जिसके माध्यम से आपातकालीन स्थितियों से भी  निपटा जा  सकता है|

2. इसके माध्यम से  संपत्ति  की कीमतों में भी विशेष रूप से  उछाल देखा जाता है जो कि  प्रति व्यक्ति आय का अहम हिस्सा माना जाता है|

3. किसी भी महंगे  जगह पर इसके माध्यम से घरेलू होने का  उच्च अनुपात हासिल किया जा सकता है|

4. यदि किसी कारणवश किसी क्षेत्र की जनसंख्या की प्रति व्यक्ति आय अधिक है, तो फिर उस कंपनी के माल बेचने से राजस्व प्राप्त करने का एक बेहतर मौका प्राप्त हो सकता है जो की प्रति व्यक्ति आय के मुताबिक विशेष लाभ माना जाता है| 

औसत आय क्या है ?

जब भी हम प्रति व्यक्ति आय की बात करते हैं, तो ऐसे में निश्चित रूप से हमें औसत आय के बारे में भी जानकारी होना आवश्यक है। ऐसे में किसी भी देश की कुल आय को देश की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो  आय हमें प्राप्त होती है उसे औसत आय के रूप में देखा जाता है| ऐसे में गौर किया जाता है कि जब तक औसत  आय की जानकारी नहीं होती है, तब तक प्रति व्यक्ति आय को भी  दर्शना या  गणना करना आसान नहीं माना जाएगा| कई बार औसत आय को  प्रति व्यक्ति आय का दूसरा नाम ही माना जाता है| 

ये भी पढ़ें :-

समाचार पत्रों का महत्व

—————————————-
गुलाब के फूल पर निबंध

Leave a Comment