Akhil Bhartiya Kisan Congress Ki Sthapna Kisne Ki ? जानें उद्देश्य, मुख्य मुद्दे हिंदी में

आज के इस आर्टिकल में हम बताएँगे अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की स्थापना किसने की – Akhil Bhartiya Kisan Congress Ki Sthapna Kisne Ki Full Detail in Hindi 

जैसा कि हम सभी को पता है हमारे देश में किसानों का विशेष महत्व है और जिनकी बदौलत ही हम सही तरीके से अपना पोषण कर पाते हैं। ऐसे में उनका महत्व और भी बढ़ जाता है। प्राचीन समय से ही देखा जा रहा है कि भारत में किसानों की हालत काफी बुरी है और इस वजह से आजादी के पहले से ही किसानों की हालत पर सुधार करने हेतु कई प्रकार के विभिन्न प्रकार के आंदोलनों की शुरुआत की जाती रही है लेकिन कभी भी इसका समुचित लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की स्थापना की गई है ताकि किसानों को उनका हक दिलाया जा सके। आईये शुरू करते हैं आज का आर्टिकल जिसका शीर्षक है ‘Akhil Bhartiya Kisan Congress Ki Sthapna Kisne Ki’ सरल हिंदी भाषा में। 

Akhil Bhartiya Kisan Congress का उद्देश्य

आज हमारे देश में हजारों लाखों की संख्या में किसान भाई रहते हैं ऐसे में उन्हें नियमित रूप से किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है और इस वजह से वे अपना ध्यान काम में कम लगा पाते हैं। भारत में किसानों के प्रति कई प्रकार के नई योजनाओं की शुरुआत की गई है लेकिन किसी भी प्रकार की समस्या को सुलझाने के लिए और किसानों की हित की बात करने के लिए अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की स्थापना की गई है और यही कमेटी का उद्देश्य है ताकि किसानों को कभी भी नुकसान ना हो पाए।

Akhil Bhartiya Kisan Congress Ki Sthapna Kisne Ki ?

वैसे तो किसानों की हित की बात शुरुआत से ही की जाती रही है लेकिन मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की स्थापना 11 अप्रैल 1936 को की गई थी जिसे संस्थापक के रूप में स्वामी सहजानंद सरस्वती के द्वारा शुरू किया गया था। जिसके मद्देनजर ही किसान भाइयों ने आगे बढ़कर अपने हक की बात सोची और विभिन्न प्रकार के आंदोलन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की थी।

स्वामी सहजानंद सरस्वती की शुरुआत

स्वामी सहजानंद सरस्वती को भारत के आंदोलनों में मुख्य रूप से देखा जाता रहा है लेकिन जब किसान भाइयों की बात आती है, तो ऐसे में किसान आंदोलन का जनक भी स्वामी सहजानंद सरस्वती को ही माना जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी अपना भरपूर योगदान दिया था और ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि उनके पिता भी पंडित होने के साथ-साथ एक किसान थे जिन्होंने कई सारी समस्याओं का सामना किया और जिसे बचपन से ही स्वामी सहजानंद देखते आए थे और इस वजह से ही उन्होंने किसान भाइयों का समर्थन करने की बात सोची क्योंकि कहीं ना कहीं इस समस्या को उन्होंने देखा और समझा था।

Akhil Bhartiya Kisan Congress में उठाए गए मुख्य मुद्दे

जब भी देश में किसी आंदोलन की शुरुआत की जाती है तो उस के माध्यम से मुख्य मुद्दे उठाए चले जाते हैं।

 ऐसे में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के माध्यम से भी कुछ मुख्य मुद्दों की शुरुआत की गई।

1) प्राचीन भारत में जमीदार प्रणाली को काफी हद तक बढ़ावा दिया गया था जिस वजह से छोटे  किसानों का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में 1936 में इस आंदोलन के माध्यम से जमीदार प्रणाली खत्म करने का भी मुद्दा उठाया गया था।

2) इसके अलावा ऐसा देखा जाता था कि किसानों के ऊपर बहुत बड़ा ऋण डाल दिया जाता था जिसे चुकता करना उनके लिए आसान नहीं होता था। ऐसे में इस महत्वपूर्ण सफर में उन्होंने किसानों के ऋण माफ करने की भी मांग रखी थी।

3) इसके अलावा भूमिहार मजदूर या फिर ब्राह्मणों के लिए भी समस्याओं को खत्म करने की बात की गई थी जिसमें तरह-तरह की मंशा को अपनाते हुए इस आंदोलन को जारी रखा गया था।

4) साथ ही साथ बिहार जैसे इलाकों में भी किसानों के प्रति जमीदारों का व्यवहार अच्छा नहीं माना जाता था और इसकी शिकायत भी मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की सभा में किया गया ताकि किसी भी किसान को अपमानित महसूस ना हो सके।

Akhil Bhartiya Kisan Congress का पहला अधिवेशन

ऐसे में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का पहला अधिवेशन मुख्य रूप से 11 अप्रैल 1936 को लखनऊ में हुआ था। इस अधिवेशन में कई प्रकार की बातों को रखा गया था जिसके अंतर्गत अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती को बनाया गया और महासचिव प्रोफेसर ए  जी रंगा को चुना गया था। सबसे पहले अखिल भारतीय किसान सभा को जवाहरलाल नेहरू के द्वारा संबोधित किया गया था जिसमें देश के कई सारे किसान एकजुट होकर अपनी बात समझने के लिए मौजूद हुए थे।

अखिल भारतीय किसान दिवस Akhil Bhartiya Kisan Divas

किसानों के हित की बात को सोचते हुए अखिल भारतीय किसान दिवस प्रतिवर्ष 23 दिसंबर को मनाया जाता है जिसे चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन किसान भाई विशेष रूप से एकजुट होकर अपने हित के बातों के बारे में ध्यान देते हैं साथ ही साथ किसी भी समस्या से निपटने के लिए एकजुट नजर आते हैं।

Akhil Bhartiya Kisan Congress Sabha में रखा गया सुविधाओं का ब्यौरा

कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जब किसानों को विशेष सुविधाएं नहीं प्राप्त होती हैं ऐसे में उन्हें कमी के अंतर्गत ही खेती किसानी करते हुए सभी समस्याओं को भी सुधारना पड़ता है। ऐसी स्थिति में इस सभा के माध्यम से किसानों की सुविधाओं का ब्यौरा लिया जाता है और किसी भी प्रकार की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके अंतर्गत निश्चित रूप से ही संबंधित उपकरण, खाद,बीज  के बारे में भी जानकारी रखी जाती है।

Akhil Bhartiya Kisan Congress Sabha में किसानों को मिली राहत

जबसे अखिल भारतीय किसान कांग्रेस की स्थापना की गई है तभी से किसानों के हित की बात सोची जाती है। ऐसे में किसानों के मन में भी  नए नए प्रकार के उठने वाले उथल-पुथल से अब परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है और अब किसान भाइयों को एक बड़ी राहत महसूस होती है जब उनके समस्याओं को सही तरीके से सुनते हुए उन को सुलझाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में हमेशा अखिल भारतीय किसान कांग्रेस सभा किसानों के हित के बारे में सोचते हुए अपना मार्गदर्शन देते हैं ताकि किसान भाई आगे बढ़कर अपना कार्य खुद से कर सके और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी ना होने पाए।

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