Delta किसे कहते हैं ? Delta का निर्माण कैसे होता है जानिये [2022]

आज हम जानेंगे डेल्टा किसे कहते हैं यह कैसे बनता है और डेल्टा कितने प्रकार के होते हैं। आपकी जानकारी के लिए हम  इस आर्टिकल में ये भी बताएँगे  विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा कौन सा है। तो आईये बिना देर किये आज का ये महत्वपूर्ण आर्टिकल ‘डेल्टा किसे कहते हैं’ What is Delta in Hindi को विस्तार से पढ़ते हैं। 

विश्व में कई प्रकार के ऐसे प्राकृतिक दृश्य मौजूद होते हैं जिसे देखकर कई प्रकार के परिवर्तनों को समझा जा सकता है। कुछ ऐसे मनोरम दृश्य होते हैं जिनको देखकर निश्चित रूप से ही हम उनके बारे में जानकारी ले सकते हैं जो प्राकृतिक रूप से भारत और विश्व में देखे जाते हैं और जिन्हें काफी हद तक विस्तार भी किया गया है। ऐसे में मुख्य रूप से डेल्टा के बारे में विशेष जानकारी देने वाले हैं ताकि आप सही तरीके से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

डेल्टा क्या है ? Delta Kise Kehte Hain

 मुख्य रूप से डेल्टा प्राकृतिक चित्रण को दर्शाते हैं, जो नदियों द्वारा लाई गई गाद के माध्यम से बनाया जाता है। यह मुख्य रूप से नदी के मुहाने पर बनता है जहां पर कोई भी  झील या नदी आकर मिल जाती है। यह मुख्य रूप से पारिस्थितिक और आर्थिक रूप से भी धरोहर के रूप में जाना जाता है। 

जब भी नदी अपने उद्गम स्थल से आकर समुद्र के पास आकर गिरती है, तो समुद्र के किनारे तल पर अवसाद जमा हो जाता है जिसे ही मुख्य रूप से डेल्टा माना जाता है। इसके माध्यम से भूमि  बहुत ही ज्यादा उपजाऊ हो जाती है और कई बार यहां पर फसलों का उत्पादन किया जाता है हालांकि कुछ फसले इस डेल्टा के लिए पर्याप्त नहीं होती हैं।

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डेल्टा का इतिहास

डेल्टा का इतिहास बहुत पुराना है जहां आगे नदियों के मुहाने पर डेल्टा का निर्माण सदियों से होता आ रहा है जिसके माध्यम से समुद्र को भी एक नया विस्तार प्रदान किया गया था। आज से लगभग कई सालों पहले डेल्टा का निर्माण नहीं होता था लेकिन धीरे-धीरे करते हुए डेल्टा का निर्माण होता गया  और आज के समय में डेल्टा का काफी हद तक बनते हुए देखा जा सकता है। कई वैज्ञानिकों के द्वारा भी डेल्टा के इतिहास से संबंधित अध्ययन किया गया है, जहां पर उन्हें नई जानकारियां प्राप्त होती गई हैं।

विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा

विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरवन को माना जाता है। जो मुख्य रूप से गंगा और ब्रह्मपुत्र  के मुहाने पर  संयुक्त रूप से बना होता है। यह भारत और बांग्लादेश पर पड़ता है, और जिसे भारत का भी सबसे बड़ा डेल्टा माना जाता है। यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में स्थित है जिसका क्षेत्रफल 1,05,645 वर्ग किलोमीटर है।

डेल्टा के विभिन्न प्रकार

आकृति के आधार पर डेल्टा  का निम्न प्रकार के होते हैं

1) पंजाकार डेल्टा — यह एक विशेष प्रकार का डेल्टा है, जहां पर कोई भी नदी अपना जल को दूर लेकर जाती है और इसके अलावा मुख्यधारा के सहारे अवसाद जमा कर लिया जाता है। यह मुख्य रूप से पंजे के आकार का होता है और अपना खुद का स्थल मार्ग तैयार कर लेता है। मुख्य रूप से मिसिसिपी नदी के द्वारा इस प्रकार के डेल्टा को बनाया जाता है।

2) भानाकार डेल्टा — कभी-कभी इस प्रकार के डेल्टा को देखकर ही आनंद का अनुभव किया जा सकता है जहां सागर की लहरें और नदियों के द्वारा पदार्थों को बहाकर ले जाया जाता है और साथ ही साथ स्वरूप को बिगाड़ दिया जाता है।

3) ज्वारनद मुखी डेल्टा — कुछ नदी के मुहाने पर ज्वारनदमुख डेल्टा भी पाया जाता है जो कभी-कभी नदी घाटी के सागरीय जल की क्रिया से धंस जाती है। ऐसे में कभी-कभी समुद्र में एक मुख्य धारा के रूप में गिरने से ज्वारनदमुखी डेल्टा का निर्माण होता है। इस प्रकार का डेल्टा मुख्य रूप से  देखा जाता है।

4) पालीयुक्त डेल्टा— कभी-कभी ऐसा होता है कि नदी की कोई विशेष मुख्यधारा के कारण अवसादो का निक्षेप अधिक होने लगता है और इस वजह से डेल्टा का विकास कुछ हद तक रुक जाता है और इस वजह से ही पोली युक्त डेल्टा का निर्माण होता है। इस प्रकार के डेल्टा भी भारत में दिखाई देते हैं।

5) चापाकार डेल्टा — यह एक ऐसा डेल्टा होता है जो चाप के समान होता है। यह आगे जाकर कई वितरिकाओ  में बँट जाता है। इस प्रकार का डेल्टा मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र, इरावती नदी में पाया जाता है। इसकी यह बात मुख्य है कि इसके माध्यम से लाए गए अवसादो का निक्षेप धीरे धीरे समुद्र की तरफ चला जाता है।

डेल्टा का मान

जब भी डेल्टा का निर्माण होता है तो उसके विभिन्न मानो का भी आकलन किया जाता है। हमेशा डेल्टा का मान 0 से 1 के बीच में देखा जाता है लेकिन कभी-कभी इसका मान 0 से 100 के बीच मैं भी माना जाता है जिसकी बदौलत डेल्टा के मान में बदलाव देखा जाता है।

डेल्टा बनाने वाली नदियां

डेल्टा मुख्य रूप से कई प्रकार की नदियों में बनती है बनता है जिनमें मुख्य रुप से गंगा, गोदावरी, ब्रह्मापुत्र मुख्य होती हैं, जो डेल्टा बनाने का काम करती है जिस में मुख्य भूमिका नदियों के पानी का होता है।

डेल्टा नहीं बनाने वाली नदियां

भारत में कुछ नदियां ऐसी हैं जो डेल्टा नहीं बनाती हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन नदियों में ढाल बहुत तेज होता है और इस वजह से ही डेल्टा  नहीं बन पाता है। यही मुख्य कारण माना जाता है कि डेल्टा बनने में कठिनाई होती है।

डेल्टा का महत्व

डेल्टा का मुख्य रूप से महत्व समझा जा सकता है जब यह देखा जाता है कि डेल्टा हमेशा मुहाने पर बनते हैं जो नदियों में स्थित होते हैं। डेल्टा के माध्यम से मुख्य रूप से अवसाद जमा किया जाता है, जो कहीं ना कहीं आवश्यक माना जाता है और जिस में समुद्र भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में निश्चित रूप से यह डेल्टा  के महत्व को समझा जा सकता है, जो कहीं न कहीं हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है।

डेल्टा का विस्तार

जैसे जैसे समय में परिवर्तन होता गया वैसे वैसे डेल्टा में विस्तार होता चला जा रहा है। ऐसे में बड़े स्तर पर नदियों के क्षेत्र में डेल्टा को कई किलोमीटर तक देखा जा सकता है और फिर उसका सही तरीके से आकलन करते हुए मान की गणना की जा सकती है। हालांकि जिन नदियों में डेल्टा का निर्माण होता है वहां पर समुचित विस्तार देखा जा रहा था जिसके मद्देनजर अब डेल्टा अपने क्षेत्रफल से कई गुना आगे तक बढ़ कर विस्तार देखा गया।

निष्कर्ष

आज का ये आर्टिकल ‘Delta किसे कहते हैं‘ परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इस आर्टिकल में आज हमने डेल्टा से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त की। अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने सहयोगियों के साथ भी साँझा करें।   

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