Samvidhan किसे कहते हैं | Samvidhan क्या है ? पूरी जानकारी [2022]

संविधान किसे कहते हैं | संविधान कितने प्रकार के होते हैं? | संविधान की परिभाषा | भारत का संविधान | संविधान क्या है

किसी भी देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए निश्चित रूप से ही कुछ नियम कायदों की आवश्यकता होती है जिसके तहत नागरिकों को विशेष रुप से ध्यान रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। ऐसे में निश्चित रूप से ही देखा जाता है कि संविधान के माध्यम से देश के नियमों को निर्धारित किया जाता है और लोगों को भी जागरूक करने का कार्य किया जाता है। 

ऐसे में कुछ लोगों को संविधान के बारे में सही जानकारी नहीं होती है जिसे हम आपके साथ साझा करना चाहते हैं। जिन लोगों को Samvidhan Kise Kehte Hain या Samvidhan क्या है के बारे में नहीं पता ये आर्टिकल  उन सभी लोगों के लिए लिखा गया है। कृपया इस आर्टिकल को पूरा ज़रूर पढ़ें और अपने ज्ञान में वृद्धि करें।  

संविधान किसे कहते हैं और संविधान क्या है ?

किसी भी देश के संविधान को मुख्य रूप से एक मूल सिद्धांतों का दस्तावेज माना जाता है जिसके अंतर्गत राज्य संबंधित या देश संबंधित दस्तावेज होते हैं। यह दस्तावेज लिखित रूप में होते हैं जिनका पालन हमेशा  किसी भी राष्ट्र को करना होता है। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के नियमों को भी रूपांतरित किया जाता है इसे संपूर्ण देश में लागू किया जाता है। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति संविधान के अधिकारों का हनन करते हैं, तो निश्चित रूप से ही सजा का प्रावधान रखा गया है

भारत का संविधान

ऐसा माना जाता है कि भारत का संविधान समस्त देशों में सबसे ज्यादा लंबा लिखा गया संविधान है जिसे सबसे पहले अंग्रेजी भाषा में लिखा गया था जिसमें लगभग 186385 शब्द है। इसके अलावा भारत के संविधान में कई प्रकार का संशोधन किया गया है जिसके माध्यम से इसके आंतरिक पहलू को समझा जा सके। भारत के संविधान में लगभग अलग-अलग तरीके से संविधान को समझाने की जिम्मेदारी बताई जा रही है। इसके अलावा भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद 22  भाग और 8 अनुसूचियां हैं।

सविधान का वर्गीकरण

हमारे देश भारत का संविधान जिसका वर्गीकरण मुख्य रूप से किया गया है जिसमें प्रत्येक आधार में नियमों को समझाते हुए विशेष रूप से जानकारी प्रदान की गई है।

1) संकलन के आधार पर वर्गीकरण

संविधान के वर्गीकरण का यह सबसे मुख्य आधार है जिसके अंतर्गत इन्हें दो भागों में बांटा गया है

A). लिखित संविधान— इसके अंतर्गत संविधान को लिखित रूप में दर्शाया जाता है और जिसके अंतर्गत देश के  नियमों को सही तरीके से संचालित करने का कार्य किया जाता है और जिस में कानून का विशेष रूप से संग्रह होता है।इस  संविधान का सबसे ज्यादा उपयोग किया गया है। मुख्य रूप से यह संविधान भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब, रूस, इटली, जापान ,चीन में भी इस्तेमाल किया जाता है

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B). अलिखित संविधान — यह एक ऐसा संविधान होता है जो पूर्ण तरीके से लिखित नहीं होता है बल्कि इसके अधिकांश भाग मौखिक रूप से विद्यमान होते हैं। यह ऐसा सविधान होता है जिसको एक साथ नहीं लिखा जाता बल्कि इसे धीरे-धीरे करके विकसित किया जाता है। समस्त विश्व में ब्रिटेन ऐसा देश है जहां पर अलिखित संविधान को महत्व दिया जाता है।

2) संवैधानिकशोधन की  संप्रकृति का अधिकार का वर्गीकरण — 

इसके अंतर्गत ऐसे संविधान के बारे में व्याख्या की जाती है जो मुख्य रूप से संशोधन के आधार पर होते हैं। यह संशोधन के आधार पर होते हैं इसीलिए इसे थोड़ा लचीला और परंपरागत माना जाता है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं

A). लचीला संविधान—  ऐसा संविधान प्रायः ऐसी जगह पाया जाता है जहां पर कानून और संवैधानिक कानून को एक साथ माना जाता है। सामान्य रूप से इनमें कुछ हद तक संशोधन किया जा सकता है और जिसका उपयोग होता है। ऐसे संविधान में शक्ति ज्यादा समाहित होती है लेकिन सत्ता प्राप्त नहीं हो पाती है। मुख्य रूप से संविधान इंग्लैंड, इजराइल जैसे देशों में शामिल किया गया है।

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B). कठोर संविधान या दोष परिवर्तन संविधान— यह संविधान थोड़े अलग प्रकार का होता है जिसमें कानून निर्माण की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। इसे बड़े ही अच्छे तरीके से विशेष प्रक्रिया के तहत बनाया जाता है और इसीलिए इसे कठोर संविधान का नाम लिया जाता है। बनाए गए कानून को कठोर तरीके से संशोधन किया जाता है जिसके अंतर्गत नागरिकों को विशेष लाभ प्राप्त हो। ऑस्ट्रेलिया, रूस, अमेरिका, डेनमार्क जैसे देशों में इस प्रकार का संविधान उपयोग में आता है।

3) प्रकृति के आधार पर संविधान का वर्गीकरण — 

यह एक ऐसा संविधान है जिसके अंतर्गत संविधान की प्रकृति महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अंतर्गत दो प्रकार का संविधान आता है

A). परि संघीय अथवा  संघात्मक संविधान—  यह एक ऐसा संविधान है जिसके अंतर्गत समस्त शक्तियां केंद्र पर आधारित होती हैं और वहां से केंद्र शक्तियों को अन्य राज्यों में विभाजित कर सकते हैं। इस संविधान की कार्यप्रणाली अन्य सभी संविधान की अपेक्षा अलग प्रकार की होती है जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार के ऊपर संविधान को बरकरार रखने की जिम्मेदारी होती है। मुख्य रूप से यह अमेरिका, कनाडा, भारत देश में लागू होती हैं

B). एकात्मक संविधान—  यह एक ऐसा संविधान होता है जिसमें राज्य की शक्तियों को किसी एक व्यक्ति के पास सुरक्षित रखा जाता है। यह शक्ति या तो मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित रह सकती हैं। ऐसी संविधान में हमेशा एक नागरिकता का प्रावधान रखा जाता है जिसके अंतर्गत समस्त नागरिकों को एक प्रकार की भावनाओं के साथ आगे बढ़ाया जाता है। जापान, चीन, OK इंग्लैंड जैसे देशों में इस प्रकार का संविधान लागू किया गया है

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4). संविधान की उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण — 

इस प्रकार के संविधान में उत्पत्ति को आधार बनाया जाता है और उसके तहत फैसले लिए जाते हैं। इसके अंतर्गत दो प्रकार का संविधान होता है

A). विकसित संविधान— संविधान के अंतर्गत किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होता है और जिसमें विभिन्न प्रकार के संविधान को रीति-रिवाजों करते हुए आगे बढ़ाया जाता है। यह संविधान अपने आप लागू हो जाते हैं और देश पर किसी बाहरी शक्ति का हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं होता है। इंग्लैंड में इस प्रकार के संविधान को महत्व दिया जाता है

B). निर्मित संविधान—  इस संविधान के अंतर्गत निश्चित समय में रहते हुए ही कुछ व्यक्तियों के द्वारा नियमों को जांचा परखा जाता है और फिर निर्मित संविधान का निर्माण किया जाता है। यह मुख्य रूप से थोड़े कठोर होते हैं जिसके तहत अमेरिका, स्विट्जरलैंड, चीन ,भारत जैसे देश आते हैं।

5) आकार के आधार पर संविधान का वर्गीकरण — 

इस प्रकार का संविधान मुख्य रूप से आकार के आधार पर निश्चित किया जाता है जिसे दो रूपों में बांटा गया है

A). लघु संविधान–  यह ऐसे सविधान होते हैं जो आकार में तो छोटे होते हैं लेकिन जिनमें बड़ी बात बोली जाती है। इस सविधान में प्रावधानों की संख्या भी काफी कम रखी जाती है। जिसके तहत अमेरिका, सऊदी अरेबिया जैसे देशों में लघु संविधान विद्यमान हैं।

B). दीर्घ सविधान– यह अपेक्षाकृत बड़ा संविधान होता है जिसमें कई प्रकार के अनुच्छेदों की संख्या को समाहित किया जाता है और इस संविधान में भारत के अंतर्गत 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां जारी की गई हैं जिसे काफी बड़ा विस्तृत संविधान माना जाता है, जो भारत के लिए सर्वोपरि है।

ऐसे में आज हमने आप को विशेष रूप से Samvidhan किसे कहते हैं के बारे में जानकारी दे दी है ताकि आप भी उनके सही रूप के बारे में जानकारी ले सकें।

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